• X

    चीन से भी पहले हमने दाल और चावल का स्वाद चख लिया था

    जो दाल-सब्जी हम बड़े चाव से आज खा रहे हैं उसका इतिहास भी रोचक है. हमने 5,000 साल पहले ही दाल और चावल का स्वाद चख लिया था. 5,000 साल पहले ही यहां के भारतीयों ने करी का स्वाद भी चख लिया था. इस बात का खुलासा हाल ही में आई एक रिसर्च में हुआ है. इतना ही नहीं रिसर्च में यह भी सामने आया है कि भारतीय किसान दुनिया के सबसे पहले विकसित खेती करने वाले किसानों में से एक हैं. दाल, चावल की पैदावार को लेकर भारत में कांस्य युग में ही अनेक तकनीकों की खोज़ कर ली गई थी. Archaeologists ने बताया है कि जब चीन में चावल की खेती को लेकर नई-नई तकनीकों का विकास किया जा रहा था, उसी समय भारत में भी यह तकनीक विकसित हो चुकी थी. इस तरह इस नई स्टडी से साबित होता है कि भारतीय किसान दुनिया के सबसे पहले किसानों में से एक है.

    इस रिसर्च के आने से पहले तक ये सोचा जाता था कि भारतीयों ने चीन से चावल की खेती सीखी थी पर अब साफ़ हो गया है कि भारत में चीन के समय ही चावल की खेती की जाने लगी थी. इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि भारत में काफ़ी पहले से ही मिश्रित खेती भी की जाने लगी थी. भारत में दोनों मौसमों में अलग-अलग फसलों को उगाया जाता था.

    इस रिसर्च को यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड और बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी ने मिल कर किया है. रिसर्च में यह भी पता चला कि अनाज, दालों और मसालों का इतने बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता था कि जनता की मांग पूरी करने के बाद उसका निर्यात भी किया जाता था.

     

    क्‍या ये स्टोरी आपको पसंद आई?
    अपने दोस्‍त के साथ साझा करें

Advertisment

ज़ायके का सबसे बड़ा अड्डा

पकवान गली में आपका स्‍वागत है!

आप हर वक्‍त खाने-खिलाने का ढूंढते हैं बहाना तो ये है आपका परमानेंट ठिकाना. कुछ खाना है, कुछ बनाना है और सबको दिखाना भी है, लेकिन अभी तक आपके हुनर और शौक को नहीं मिल पाया है कोई मुफीद पता तो आपकी मंजिल का नाम है पकवान गली.


ज़ायका ही आपकी जिंदगी है तो हमसे साझा करें अपनी रेसिपी, कुकिंग टिप्‍स, किसी रेस्‍टोरेंट या रोड साइड ढाबे का रिव्‍यू.

रेसिपी फाइंडर

या
कुछ मीठा हो जाए