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    तीन तरह के भोग प्रसाद चढ़ाने से खुश हो जाएंगे भोलेनाथ

    सावन की शिवरात्रि 30 जुलाई को मनाई जा रही है. खास बात यह है कि इस दिन मंगलवार है. और इस दिन देवी मंगला गौरी और हनुमान जी की भी पूजा करने से मनवांछित फल मिलता है. सावन शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:45 बजे से शाम को 07:38 बजे तक है.

    शिवरात्रि में शिव पूजा करने से पहले शिवलिंग को स्नान करवाकर उसका अभिषेक करना जरूरी होता है. इसके लिए एक पात्र में केसर, दूध, दही, घी, इत्र, शहद, चंदन, भांग और चीनी को मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए.

    शिवरात्रि के दिन साफ और पूर्ण 1001 बेल पत्र रख लें. उस पर सफेद चंदन से राम-राम अंकित कर दें. अगर इतने बेल पत्र नहीं ले पाते हैं तो सिर्फ 11 ले सकते हैं. सभी पर भगवान शिव के पार्थिव की पूजा के दौरान एक-एक करके बेल पत्र अर्पित करें और हर बार भोलेनाथ के अलग-अलग नामों का उच्चारण करें. इस बात का ध्यान रखें कि अगले दिन के सूर्योदय से पूर्व पार्थिव का विसर्जन करना आवश्यक है. यानी चढ़ाई गई बेल पत्रों को विसर्जित कर देना चाहिए.

    किन चीजों का भोग लगाएं?
    सभी बेल पत्र चढ़ाने के बाद गुड़ से बना पुआ, हलवा और कच्चे चने का भोग लगाएं. इन तीन भोग प्रसाद को शिवजी को जरूर चढ़ाना चाहिए. बाकी प्रसाद स्वरूप लोगों में बांट दें. ऐसी मान्यता है कि दही चढ़ाने वाले भक्त का स्वभाव गंभीर होता है. जबकि दूध चढ़ाने या अभिषेक करने से अच्छा स्वास्थ्य मिलता है. वहीं शक्कर चढ़ाने को सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.

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