देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर जाएं तो कहां क्या-क्या खाएं?
विधि



इंदौर में यहां मिलेगा गुजराती स्वाद
गुजरात का फेमस कढ़ी-फाफड़ा आपको चिकमंगलूर चौराहे पर मिलेगा. यह चौराहा नॉवेल्टी दुकान के पास ही है. नॉवेल्टी में विजय की सैंडविच बहुत फेमस है. इसी नॉवेल्टी मार्केट में एक मुंगौड़ी और मिर्च के पकौड़े की दुकान मिल जाएगी.
यहां मिलती है 24 घंटे चाय
यूं तो इंदौर के हर गली-कूचे में आपको चाय मिल जाएगी. लेकिन अगर रात को 2 बजे की चाय की तलब लगे तो कहीं नहीं रेलवे स्टेशन पर कल्याण विश्रांति के पास शर्मा, चौरसिया और जैन टी स्टॉल पर चुस्की ले सकते हैं. इसके अलावा राजवाड़े चौराहे पर भी आपको देर रात चाय मिल जाएगी. ये सभी दुकाने अपनी चाय के लिए इंदौरियों की पहली पसंद में से हैं.
साबूदाने की खिचड़ी का अनोखा स्वाद
जिस तरह से पोहा, जलेबी और कचौड़ी-समोसे इंदौरियों के नाश्ते हैं. उसी तरह से स्नैक्स या पोस्ट लंच-डिनर के लिए साबूदाने की खिचड़ी उन्हें खूब भाती है. साबूदाने की खिचड़ी तो आपको इंदौर के ज्यादातर चौराहों पर मिल जाएगी. मगर अन्नपूर्णा रोड पर दशहरा मैदान के पास, गीता भवन चौराहा, सर्राफा बाजार पर आपको बेहतरीन स्वाद वाली खिचड़ी मिलेगी. इसे भी ट्राई करना चाहिए. जबकि साबूदाने वड़े (व्रत वाले वड़े) खाने के लिए रवि अल्पाहार और टावर चौराहे पर गुजरात स्वीट्स का रुख कर सकते हैं.
इंदौरी सेंव यानी नमकीन
इंदौर में सेंव की खपत खूब होती है. ऐसा कहा जाता है कि अगर इंदौरी नमकीन न खाए तो उसका हजमा बिगड़ जाएगा. अगर आप नमकीन खरीदना चाहते हैं तो मालगंज, सुभाष चौक, गोराकुंड चौराहा, पागनीसपागा, ओल्ड पलासिया, अपना स्वीट्स से ले सकते हैं. यहां मिश्री, अपना स्वीट्स, ओम के नमकीन, महेंद्र, प्रकाश, केपीआर, 420 जैसे कुछ ब्रैंड्स हैं. इन दुकानों पर आपको 300 से भी ज्यादा वैरायटी की नमकीन मिल जाएगी. यहां पर गुजराती खाखरा, गठिए, आदि भी मिल जाएंगी.
यहां लें चाइनीज और साउथ इंडियन खानों का जायका
देश के सबसे स्वच्छ शहर में सिर्फ पोहा, जलेबी और कचौड़ी नहीं मिलता बल्कि साउथ इंडियन औ चाइनीज खाना भी मिलता है. आनंद बाजार चौराहे पर 56 भोग होटल के पास बेहतरीन डोसा-सांभर मिलता है. इसे रमेश ने शुरू किया था. अब हाल ये है कि हर बड़े चौराहे पर रमेश के नाम डोसा बेचने वाले ठेले-टपरे खड़े दिए जाएंगे. चाइनीज पसंद करने वालों को 56 दुकान और सर्राफा के अलावा अन्नपूर्णा रोड, वैशाली चौराहा और मेघदूत गार्डन की चौपाटी पर जाना चाहिए. यहां एक नंबर के चाइनीज, साउथ इंडियन और मुंबई की पावभाजी मिलती है. वैसे पाव भाजी सागर जूस कॉर्नर में भी मिलती है जो कि एमजी रोड पर मल्हारगंज पर है.
दाल-बाफले और लड्डू
इंदौर के दाल बाफले, दाल बाटी से अलग होते हैं. बाटी को आग में सीधे सेंककर पकाया जाता है जबकि बाफले को पहले पानी में उबाला जाता है फिर आंच में सेंका जाता है. अगर इंदौर में पारंपरिक मालवी खाने दाल-बाफले का स्वाद लेना हो तो सर्राफा बाजार में राजहंस के यहां खा सकते हैं. वैसे यहां के कई दूसरे रेस्टोरेंट भी हैं जो दाल-बाफले खिलाते हैं.
इंदौर के गुलाब जामुन से लेकर चायनीज फूड तक की शौकीन हैं लता ताई
नवलखा के बेक समोसे
इंदौर में पेटिस भी का भी खूब चलन है, लेकिन वहां इसे पेटिस न बोलकर बेक समोसे कहा जाता है. बेक समोसे में हरी चटनी, जीरावन, नमकीन के साथ परोसा जाता है. नवलखा, जिला कोर्ट के पास, भंवरकुआं, छावनी, नसिया रोड, बड़ा गणपति चौराहा जैसी इंदौर की ज्यादातर जगहों पर मिल जाएगा.
पानी पताशे यानी पानीपुरी
इंदौर में पानीपुरी नहीं बल्कि पानी पताशे बोला जाता है. हर खाने की चीज तरह पानी पताशे भी ज्यादातर गली चौराहे पर मिल जाएगा, लेकिन राजवाड़ा और कोर्ट की गली में मिलने वालों की बात निराली है.
इसके अलावा हीरा लस्सी, पंजाबी लस्सी, नागोरी शिकंजी के यहां मेजदार लस्सी का स्वाद ले सकते हैं. सरवटे बस स्टैंड पर घमंडी लस्सी होटल में शानदार लस्सी मिलती है. 
बर्गर नहीं हॉट डॉग
इंदौर में बर्गर से ज्यादा हॉट डॉग खाया जाता है. दरअसल, हॉट डॉग बनाने के लिए बर्गर बन को बीच से फाड़ लिया जाता है. इसमें छोड़े की सब्जी, हरी-मीठी चटनी, सेंव और प्याज की स्लाइस भरकर दिया जाता है. टेस्ट करने के लिए सरवटे बस स्टैंड के पास, दवा बाजार और भंवरकुआं जा सकते हैं.
दूध और जलेबी
ऐसा नहीं है कि इंदौर में सिर्फ चटपटा खाना ही मिलता है. बल्कि इंदौर दूध-जलेबी के लिए भी जाना जाता है. सूरज ढलते ही बड़े-बड़े कड़ाहे में दूध तैयार होने लगता है. अगर इस शहर जा रहे हैं और दूध-दही पसंद करते हैं तो नंदलाल पुरा, मालगंज चौराहा, छावनी, जिंसी चौराहा, कालानी नगर, गांधीनगर, रणजीत हनुमान, हवा बंगला, छत्रीबाग इलाके में दूध-जलेबी और दूध रबड़ी का स्वाद चख सकते हैं.