खाऊ गली से लेकर भुक्खड़ गली तक, जानिए इन स्वाद गलियों के बारे में

तो बात सबसे देश की राजधानी दिल्ली से शुरू करते हैं. जी हां, चांदनी चौक के पराठेवाली गली से आने वाली देसी घी के पराठों की खुशबू यहां आने पर आपको मजबूर कर देगी. इस गली में दुकानों की शुरुआत तकरीबन डेढ़ दसक पहले यानी 1872 में हुई थी. शुरुआती दौर में 16 से 20 दुकानें ही यहां थीं. यहां दुकानदारों की एक नहीं बल्कि कई पीढ़िया दुकान चला रही हैं. पराठों के साथ सीताफल यानी कद्दू का साग, केले की चटनी और 5 तरह के अचार होते हैं. आलू, दाल, पनीर के अलावा नींबू, केला, बादाम, रबड़ी सहित करीब 35 वैरायटी के पराठे यहां खाने को मिलते हैं.