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    देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर जाएं तो कहां क्या-क्या खाएं?

    मध्य प्रदेश के शहर इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में अपना परचम लहराया है. 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में इंदौर पहले और दूसरे क्वार्टर में नंबर वन बना रहा.   इंदौर अपने खान-पान और पकवानों के लिए भी जाना जाता है.

    विधि

    मध्य प्रदेश के शहर इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में अपना परचम लहराया है. 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में इंदौर पहले और दूसरे क्वार्टर में नंबर वन बना रहा.   इंदौर अपने खान-पान और पकवानों के लिए भी जाना जाता है.
    जब आप खान-पान को लेकर शहरों के नाम गिनते हैं तो उनमें एक नाम इंदौर का जरूर आता होगा. इंदौर देश के सबसे साफ शहर है. यहां के पोहे, कचौड़ी, दाल बाफला और नमकीन विश्व प्रसिद्ध हैं. बाहर से जाने लोग सर्राफा बाजार और छप्पन दुकान के बारे में ही जानते हैं. इन्हीं जगहों पर वे इंदौरी जायके चखकर वापस आ जाते हैं. जबकि ऐसा नहीं है. इंदौर में 56 दुकान, सर्राफा बाजार के अलावा भी कई ऐसे ठीये हैं जहां पर तरह-तरह की खाने की चीजें मिलती हैं. जब आप इंदौर जाएं तो सिर्फ 56 दुकान या सर्राफा ही नहीं बल्कि इन जगहों पर कचौड़ी, चाइनीज, साउथ इंडियन, गुजराती मराठी खाने का स्वाद ले सकते हैं.
    आइए आपको कराते हैं इंदौर के स्वाद की सैर. इंदौर जाना जाता है अपने पोहा-जलेबी के लिए.
    यहां मिलेगा एकदम चटखारे वाला पोहा
    अगर आपको बेहतरीन पोहे का स्वाद लेना है तो राजवाड़ा सबसे बढ़िया ठीया हो सकता है. यहां पर राजवाड़े के ठीक सामने 3 दुकाने हैं. दो दुकाने 24 घंटे खुली रहती हैं. जबकि मधुरम पोहे की दुकान दिन में खुलती है और यहां पोहो सुबह ही मिलता है. राजवाड़े से एमजी रोड की तरफ बढ़ेंगे तो उपाध्याय होटल के पास एक पोहे का ठेला लगता है. यहां पोहे के साथ इलायची की महक वाली जलेबी भी मिलती है. इसके अलावा रेलवे स्टेशन के पास जैन, चौरसिया और शर्मा जी के यहां के पोहे फेमस हैं. छावनी में बम भोले के यहां खास पोहे मिलते हैं. बम भोले के पोहे खाने के लिए आपको 9 बजे तक पहुंचना होगा. कलेक्ट्रेट चौराहे पर जैन मिष्ठान भंडार के पोहे भी लाजवाब लगते हैं. महू नाके पर तिवारी रेस्टोरेंट के पोहे भी चख सकते हैं. वहीं एयरपोर्ट रोड पर कालानी नगर में मौसा जलेबी वाले के लजीज पोहे का आनंद ले सकते हैं. जबकि गोराकुंड चौराहे पर गुरु के पोहे इंदौर की पहचान हैं. वहीं ग्रेटर कैलाश पर हेड साब के पोहे भी खास होते हैं. इंदौर में ये कुछ खास ठीये हैं, वैसे इंदौर में हर 100 मीटर में पोहे और चाय की दुकान मिल जाएगी. इंदौर की पोहे की रंगत और स्वाद बढ़ाता है जीरावन, इंदौरी नुक्ती (तीखी बूंदी) और सेंव यानी नमकीन. नंदलाल पुरा, राजवाड़े पर बाणेश्वरी होटल और आनंद बाजार में एकदम तीखा उसल का स्वाद ले सकते हैं.

    कहां मिलेगी झन्नाट और इंजीनियर कचौड़ी
    पोहे के साथ इंदौरी चटपटा खाने में भी आगे हैं. यहां जैसी कचौड़ी आपको दुनिया के किसी और कोने में नहीं मिलेगी. आलू, दाल, मटर की कचौड़ी की स्वाद एक बार चख लेंगे तो भूलेंगे. नगर निगम रोड पर रवि अल्पाहार की दुकान में 1921 से कचौड़ी मिलती आ रही है. इनकी दो दुकाने हैं. एक नगर निगम रोड पर और दूसरी आनंद बाजार में है. इंदौर से सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज SGSITS के कोने पर आपको इंजीनियर कचौड़ी मिलेगी. इंजीनियर इसलिए क्योंकि इस कचौड़ी का सेवन सबसे इसी इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स करते हैं. मालवा मिल चौराहे पर सुरेश की कचौरी का कोई जवाब नहीं है. जेल रोड की अनंतानंद और मल्हारगंज के बम की कचौरी बहुत तीखी होती है. जबकि रामबाग और राजेंद्रनगर की लाल बाल्टी की कचौड़ी हरी चटनी के साथ लाजवाब लगती है. इसके अलावा छावनी में अग्रवाल की कचौरी, नालिया बाखल की स्वादिष्ट कचौड़ी और बाबा कचौड़ी का स्वाद एक बार जरूर लेना चाहिए. खालसा स्टेडियम, इमली बाजार की झन्नाट कचौड़ी और अनंतानंद की उसल कचौड़ी मुहं में पानी और कानों से धुआं निकाल देगी.

    इंदौर में यहां मिलेगा गुजराती स्वाद
    गुजरात का फेमस कढ़ी-फाफड़ा आपको चिकमंगलूर चौराहे पर मिलेगा. यह चौराहा नॉवेल्टी दुकान के पास ही है. नॉवेल्टी में विजय की सैंडविच बहुत फेमस है. इसी नॉवेल्टी मार्केट में एक मुंगौड़ी और मिर्च के पकौड़े की दुकान मिल जाएगी.

    यहां मिलती है 24 घंटे चाय
    यूं तो इंदौर के हर गली-कूचे में आपको चाय मिल जाएगी. लेकिन अगर रात को 2 बजे की चाय की तलब लगे तो कहीं नहीं रेलवे स्टेशन पर कल्याण विश्रांति के पास शर्मा, चौरसिया और जैन टी स्टॉल पर चुस्की ले सकते हैं. इसके अलावा राजवाड़े चौराहे पर भी आपको देर रात चाय मिल जाएगी. ये सभी दुकाने अपनी चाय के लिए इंदौरियों की पहली पसंद में से हैं.

    साबूदाने की खिचड़ी का अनोखा स्वाद
    जिस तरह से पोहा, जलेबी और कचौड़ी-समोसे इंदौरियों के नाश्ते हैं. उसी तरह से स्नैक्स या पोस्ट लंच-डिनर के लिए साबूदाने की खिचड़ी उन्हें खूब भाती है. साबूदाने की खिचड़ी तो आपको इंदौर के ज्यादातर चौराहों पर मिल जाएगी. मगर अन्नपूर्णा रोड पर दशहरा मैदान के पास, गीता भवन चौराहा, सर्राफा बाजार पर आपको बेहतरीन स्वाद वाली खिचड़ी मिलेगी. इसे भी ट्राई करना चाहिए. जबकि साबूदाने वड़े (व्रत वाले वड़े) खाने के लिए रवि अल्पाहार और टावर चौराहे पर गुजरात स्वीट्स का रुख कर सकते हैं.

    इंदौरी सेंव यानी नमकीन
    इंदौर में सेंव की खपत खूब होती है. ऐसा कहा जाता है कि अगर इंदौरी नमकीन न खाए तो उसका हजमा बिगड़ जाएगा. अगर आप नमकीन खरीदना चाहते हैं तो मालगंज, सुभाष चौक, गोराकुंड चौराहा, पागनीसपागा, ओल्ड पलासिया, अपना स्वीट्स से ले सकते हैं. यहां मिश्री, अपना स्वीट्स, ओम के नमकीन, महेंद्र, प्रकाश, केपीआर, 420 जैसे कुछ ब्रैंड्स हैं. इन दुकानों पर आपको 300 से भी ज्यादा वैरायटी की नमकीन मिल जाएगी. यहां पर गुजराती खाखरा, गठिए, आदि भी मिल जाएंगी.

    यहां लें चाइनीज और साउथ इंडियन खानों का जायका
    देश के सबसे स्वच्छ शहर में सिर्फ पोहा, जलेबी और कचौड़ी नहीं मिलता बल्कि साउथ इंडियन औ चाइनीज खाना भी मिलता है. आनंद बाजार चौराहे पर 56 भोग होटल के पास बेहतरीन डोसा-सांभर मिलता है. इसे रमेश ने शुरू किया था. अब हाल ये है कि हर बड़े चौराहे पर रमेश के नाम डोसा बेचने वाले ठेले-टपरे खड़े दिए जाएंगे. चाइनीज पसंद करने वालों को 56 दुकान और सर्राफा के अलावा अन्नपूर्णा रोड, वैशाली चौराहा और मेघदूत गार्डन की चौपाटी पर जाना चाहिए. यहां एक नंबर के चाइनीज, साउथ इंडियन और मुंबई की पावभाजी मिलती है. वैसे पाव भाजी सागर जूस कॉर्नर में भी मिलती है जो कि एमजी रोड पर मल्हारगंज पर है.

    दाल-बाफले और लड्डू
    इंदौर के दाल बाफले, दाल बाटी से अलग होते हैं. बाटी को आग में सीधे सेंककर पकाया जाता है जबकि बाफले को पहले पानी में उबाला जाता है फिर आंच में सेंका जाता है. अगर इंदौर में पारंपरिक मालवी खाने दाल-बाफले का स्वाद लेना हो तो सर्राफा बाजार में राजहंस के यहां खा सकते हैं. वैसे यहां के कई दूसरे रेस्टोरेंट भी हैं जो दाल-बाफले खिलाते हैं.

    इंदौर के गुलाब जामुन से लेकर चायनीज फूड तक की शौकीन हैं लता ताई

    नवलखा के बेक समोसे
    इंदौर में पेटिस भी का भी खूब चलन है, लेकिन वहां इसे पेटिस न बोलकर बेक समोसे कहा जाता है. बेक समोसे में हरी चटनी, जीरावन, नमकीन के साथ परोसा जाता है. नवलखा, जिला कोर्ट के पास, भंवरकुआं, छावनी, नसिया रोड, बड़ा गणपति चौराहा जैसी इंदौर की ज्यादातर जगहों पर मिल जाएगा.

    पानी पताशे यानी पानीपुरी
    इंदौर में पानीपुरी नहीं बल्कि पानी पताशे बोला जाता है. हर खाने की चीज तरह पानी पताशे भी ज्यादातर गली चौराहे पर मिल जाएगा, लेकिन राजवाड़ा और कोर्ट की गली में मिलने वालों की बात निराली है.

    इसके अलावा हीरा लस्सी, पंजाबी लस्सी, नागोरी शिकंजी के यहां मेजदार लस्सी का स्वाद ले सकते हैं. सरवटे बस स्टैंड पर घमंडी लस्सी होटल में शानदार लस्सी मिलती है.

    बर्गर नहीं हॉट डॉग
    इंदौर में बर्गर से ज्यादा हॉट डॉग खाया जाता है. दरअसल, हॉट डॉग बनाने के लिए बर्गर बन को बीच से फाड़ लिया जाता है. इसमें छोड़े की सब्जी, हरी-मीठी चटनी, सेंव और प्याज की स्लाइस भरकर दिया जाता है. टेस्ट करने के लिए सरवटे बस स्टैंड के पास, दवा बाजार और भंवरकुआं जा सकते हैं.

    दूध और जलेबी
    ऐसा नहीं है कि इंदौर में सिर्फ चटपटा खाना ही मिलता है. बल्कि इंदौर दूध-जलेबी के लिए भी जाना जाता है. सूरज ढलते ही बड़े-बड़े कड़ाहे में दूध तैयार होने लगता है. अगर इस शहर जा रहे हैं और दूध-दही पसंद करते हैं तो नंदलाल पुरा, मालगंज चौराहा, छावनी, जिंसी चौराहा, कालानी नगर, गांधीनगर, रणजीत हनुमान, हवा बंगला, छत्रीबाग इलाके में दूध-जलेबी और दूध रबड़ी का स्वाद चख सकते हैं.

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पकवान गली में आपका स्‍वागत है!

आप हर वक्‍त खाने-खिलाने का ढूंढते हैं बहाना तो ये है आपका परमानेंट ठिकाना. कुछ खाना है, कुछ बनाना है और सबको दिखाना भी है, लेकिन अभी तक आपके हुनर और शौक को नहीं मिल पाया है कोई मुफीद पता तो आपकी मंजिल का नाम है पकवान गली.


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