मोहिनी एकादशी के दिन ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, ये है शुभ मुहूर्त

मोहिनी एकादशी के दिन ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, ये है शुभ मुहूर्त

आज 15 मई को मोहिनी एकादशी है. मोहिनी एकादशी एक ऐसी एकादशी है जो मनुष्य को मोह के बंधनों से काटकर मोक्ष की ओर ले जाती है.

ADVERTISEMENT

🍳 विधि

आज 15 मई को मोहिनी एकादशी है. मोहिनी एकादशी एक ऐसी एकादशी है जो मनुष्य को मोह के बंधनों से काटकर मोक्ष की ओर ले जाती है. वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मोहिनी एकादशी मनाई जाती है. इसका पालन करने वाले व्रतधारी रात्रि जागरण करते हैं.

शास्त्रों के अनुसार प्राचीन काल में जब देवता और दानवों के बीच समुद्र मंथन हुआ था, तब इस मंथन में अमृत भी निकला था. इसे पाने के लिए देवता और दानवों में काफी युद्ध भी हुआ था. ऐसे में भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में अवतार लिया था और देवताओं को इसका सेवन करवाया था.

बता दें कि एकादशी तिथि का आरंभ 14 मई की दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से ही हो गया था, और इसका समापन 15 मई की सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक हो जाएगा. आप एकादशी का परायण 16 मई की सुबह 5 बजकर 34 मिनट से लेकर 8 बजकर 15 मिनट तक कर सकते हैं.

इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं जाते हैं साथ ही पीले फल और मिष्ठान का भोग लगाएं. 11 केले और शुद्ध केसर भी भगवान विष्णु को अर्पण करें. इस दिन भगवान विष्णु के अवतार श्री राम को पंचामृत और तुलसी के पत्ते भी अर्पित करें.

किसी गरीब व्यक्ति को अन्नदान भी करें. पूजा-पाठ के बाद बच्चों में केले का फल जरूर बाटें.
क्‍या ये रेसिपी आपको पसंद आई?
4.5

टैग्स

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोहिनी एकादशी के दिन ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, ये है शुभ मुहूर्त एक लोकप्रिय व्रत-त्‍योहार रेसिपी है, जिसे मोहिनी एकादशी के दिन ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, ये है शुभ मुहूर्त और स्वादिष्ट मसालों की मदद से तैयार किया जाता है। यह भारतीय खाने का एक पसंदीदा व्यंजन माना जाता है।

ADVERTISEMENT

Saved Recipes