अक्षय नवमी के दिन क्यों पूजा जाता है आंवला, क्या हैं खाने के फायदे?
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को आंवला नवमी या अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन आंवला और आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है. हिंदू मान्यता के अनुसार आंवले की पूजा करने से देवी
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विधि
अब सवाल उठता है कि आंवला नवमीं क्यों मनाई जाती है? तो इसके पीछे एक कथा है जिसके अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर देवी लक्ष्मी ने आंवले के वृक्ष के नीचे शिवजी और विष्णुजी की पूजा की थी. तभी से इस तिथि पर आंवले के पूजन की परम्परा शुरू हुई. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को आंवले से बनी मिठाई जैसे आंवले का मुरब्बा आदि भोग लगा सकते हैं.
आंवला नवमी के दिन पूजन के साथ ही पानी में आंवला रस मिलाकर नहाने से भी लाभ मिलता है. इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है, सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता बढ़ती है. आंवला का रस और पानी से स्नान करने से स्किन अच्छी बनी रहती है. इतना ही नहीं आंवले के सेवन त्वचा की चमक भी बढ़ जाती है. आंवला में भरपूर मात्रा में अमीनो एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है. साथ ही बालों को चमकदार और गिरते बालों से मुक्ति के लिए आंवला किसी दवा से कम नहीं है. जिन लोगों के बाल झड़ रहे हैं उन्हें नियमित रूप से आंवले के रस से बालों को मसाज करना चाहिए. बालों के साथ ही आंवला पेट के लिए फायदा करता है. कब्ज को ठीक करने का सबसे बढ़िया फल आंवला होता है.
- इतना ही नहीं बल्कि आंवला खाने के कई और फायदे भी हैं जिन्हें जानकर शायद आप इसे आज ही बाजार से खरीद लाएंगे.
- बालों को मजबूत और समय से पहले सफेद होने से बचाता है आंवला.
- आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है रोजाना आंवले का सेवन.
- अपने खान-पान में आंवला शामिल करना डायबिटीज को भी नियंत्रण में रखता है.
- इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में कारगर है.
- हड्डियों को मजबूत बनाता है आंवला.
- इतना ही नहीं बल्कि आंवला खून को भी शुद्ध करता है.
- स्किन ग्लो करने में बेहद लाभकारी सिद्ध होता है आंवला.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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अक्षय नवमी के दिन क्यों पूजा जाता है आंवला, क्या हैं खाने के फायदे? एक लोकप्रिय भारतीय व्रत-त्योहार रेसिपी है, जिसे लोग नाश्ते, लंच, डिनर या स्नैक्स के रूप में खाना पसंद करते हैं।
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