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    अटल बिहारी वाजपेयी के फेवरेट फूड डेस्टिनेशन

    25 दिसंबर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिवस होता है. हर भारतीय के दिल में उनकी कविताएं, उनके भाषण और उनके खान-पान की चीजें याद होंगी. अटल जी खान-पान के बेहद शौकीन थे. ग्वालियर के बहादुरा के लड्डू से लेकर आगरा के राम बाबू के पराठे उनकी पसंदीदा चीजों में शामिल थे. अटल जी बड़े चाव से मीठी चीजें खाया करते थे. अटल जी के जन्मदिन के विशेष मौके पर हम उनके फेवरेट ठिकानों के बारे में आपको बता रहे हैं, जहां वे जब भी जाते अपनी पसंदीदा चीजों का स्वाद जरूर लेते.

    बात शुरू करते हैं मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से. इसी शहर में 25 दिसंबर 1924 को उनका जन्म हुआ था. शुरुआती पढ़ाई-लिखाई यहीं हुई. इस लिहाज से इस शहर से उनका खासा लगाव था. ग्वालियर के बहादुरा के बूंदी के लड्डू हों या फिर दौलतगंज की मंगौड़ी, अटल जी के प्रिय व्यंजनों में से थे. ग्वालियर की खान-पान की ज्यादातर दुकानों से उनकी यादें जुड़ी हुई थीं. वे जब उज्जैन जाते थे गोपाल मंदिर के पास मिलने वाली फेमस ठंडाई जरूर पीते थे.

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    अगर ताज नगरी आगरा जाते तो रामबाबू के यहां के पराठे जरूर खाते थे. जबकि दिल्ली में रहने के दौरान वे अक्सर पराठे वाली गली, सागर और चंगवा के यहां जाकर कुछ न कुछ जरूर खाते थे. मिठाई अटल जी के पकवानों की मेन्यू लिस्ट में हमेशा सर्वोपरि रही है.

    मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अटल बिहारी वाजपेयी को चायनीज, खिचड़ी, खीर, झींगा फ्राई और मालपुआ बहुत पसंद थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि, 'घूमना पसंद है, सागर का किनारा और हिमाचल की चोटियां मुझे आकृष्ट करती हैं. खाना अच्छा बनाता हूं. खिचड़ी, हलवा खीर अच्छा बनाता हूं. इसके लिए वक्त निकाल लेता हूं.'

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    हालांकि जब वे बीमार हुए तो सिर्फ वे लिक्विड डाइट ही लेते हैं. सुबह चूरा किए हुए बिस्किट लिक्विड बनाकर दिए जाते थे. दोपहर का खाना भी लिक्विड ही होता था. इसमें उन्हें जूस, दूध, चूरा की हुई ब्रेड, सब्जियों का सूप दिया जाता था. जबकि डिनर में भी तयशुदा लिक्विड डाइट उन्हें दी जाती थी. 16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपेयी इस दुनिया को अलविदा कह गए थे.

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