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    काढ़ा पीने के बेहतरीन फायदे क्या-क्या हो सकते हैं?

    आजकल सर्दी, जुकाम, खांसी होने पर ज्यादातर लोग डॉक्टर के पास चले जाते हैं. या फिर दवाइयां खाना पसंद करते हैं. जबकि इस स्थिति में घरेलू नुस्खे ज्यादा कारगर साबित होते हैं. इसीलिए तो हमारी दादी-नानी सर्दी-जुकाम या हल्ही-फुल्की बुखार में डॉक्टरी दवा से ज्यादा घर पर बने काढ़े पर विश्वास जताती थीं. उनके ये घरेलू नुस्खे बहुत फायदे करते थे. आप भी जानिए क्यों काढ़ा अब भी फायदेमंद हैं?

    - हल्दी दूध काढ़े के एंटीबायोटिक गुण के कारण सर्दी-खांसी में ये एक कारगर दवा का काम करता है. हल्दी वाला दूध मुक्त रैडिकल्स से लड़ने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है. इससे कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं.
    - सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है. इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है. सर्दी के मौसम में इसका सेवन आपको स्वस्थ बनाए रखने में मददगार हो सकता है.
    - हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटी माइक्रो बैक्टीरियल गुण, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस, फेफड़ों में जकड़न व कफ से राहत देने में सहायता करते हैं. गर्म दूध के सेवन से शरीर में गर्मी का संचार होता है जिससे सांस की तकलीफ में आराम मिलता है.
    - हल्दी वाला दूध माहवारी में होने वाले दर्द में राहत देता है. गर्भवती महिलाओं को इस दूध को आसान प्रसव, प्रसव बाद सुधार, बेहतर दूध उत्पादन और शरीर को जल्दी सामान्य करने के लिए हल्दी वाला दूध लेने की सलाह भी दी जाती है.
    - हल्दी-दूध का काढ़ा पीने से लीवर मजबूत होता है. साथ ही यह लीवर से संबंधित बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है और लसीका (लिम्फ) तंत्र को साफ करता है.
    - चोट लगने पर काढ़ा पीने से आराम मिल सकता है. वहीं अंदरूनी चोट लगने पर हल्दी-दूध का काढ़ा पीने से चोट वाली जगह पर खून का थक्का नहीं जमता.
    - रोजाना काढ़ा पीने से गठिया- बाय, जकड़न से आराम मिलता है. साथ ही जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से आराम मिलता है.
    - हल्दी में अमीनो एसिड पाया जाता है जिसके सेवन से गहरी नींद आती है.
    - दूध में कैल्शियम और हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. इन दोनों को मिलाकर बनाया काढ़ा पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं.
    - ऐसा माना जाता है कि आदिवासी लोग शिवलिंगी के बीजों को तुलसी और गुड़ के साथ पीसकर नि:संतान महिला को खिलाते हैं इससे उस महिला को जल्द ही संतान सुख की प्राप्ति होती है.
    - संतरे के छिलकों को सुखाकर पाउडर बना लें. फिर इसमें थोड़ा तुलसी का पानी और गुलाब जल मिलाकर शरीर पर लगाने से घमौरियों से तुरंत आराम मिल सकता है.
    - तुलसी के पत्ते, इसके रस और इसकी चाय को सही तरीके से इस्तेमाल में लाया जाए तो यह कई गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मददगार हो सकता है.
    - बदलते मौसम की वजह से होने वाले सर्दी, जुकाम और गले में खराश से छुटकारा दिलाने में सबसे बढ़िया काम करता है यह तुलसी का काढ़ा.
    - तुलसी के पत्ते के काढ़े में चुटकीभर सेंधा नमक मिलाकर पीने से फ्लू रोग जल्दी ठीक हो सकता है. वहीं हर्बल जानकार फ्लू के दौरान बुखार से ग्रस्त रोगी को तुलसी और सेंधा नमक लेने की सलाह देते हैं.
    - पथरी निकालने में सबसे बेहतर है यह तुलसी का काढ़ा. यदि इस काढ़े में रोजाना एक चम्मच शहद मिलाकर नियमित 6 महीने तक सेवन किया जाए तो पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल सकती है.
    - जिन लोगों को दिल की बीमारी होती है उन्हें तुलसी का सेवन जरूर करना चाहिए. यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करती है. हार्ट अटैक के मरीजों को रोजाना तुलसी के रस का सेवन करना चाहिए. तुलसी और हल्दी के पानी का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित रहती है.
    - चेहरे की चमक और रंगत बनाए रखने में तुलसी से बढ़िया कोई क्रीम नहीं हो सकती. तुलसी की पत्तियों का रस निकाल कर बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाकर रात को चेहरे पर लगाने से झाइयां खत्म हो जाती हैं. साथ ही चेहरे पर होने वाली फुंसियां भी खत्म हो जाती हैं.
    - प्रतिदिन में 4-5 बार तुलसी की 6-7 पत्तियों को चबाने से कुछ ही दिनों में माइग्रेन की समस्या में आराम मिलने सकता है.
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