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    जानिए मकर संक्रांति पर क्यों खाई जाती है खिचड़ी

    मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी की सुबह 07 बजकर 19 मिनट से आरंभ होकर 9 बजकर 3 मिनट तक रहेगा.  इस दिन हर घर में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं जिनमें से सबसे खास है खिचड़ी.  खिचड़ी बनाने और खाने का अपना ही खास महत्व है. इसी कारण इस पर्व को कई जगहों पर खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है.
    बता दें कि चावल को चंद्रमा का प्रतीक, उड़द दाल को शनि का और हरी सब्जियां का संबंध बुध से माना जाता है. इसलिए कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने से राशि में ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है.

    इसके अलावा मकर संक्रांति के शुभ असवर पर तिल-गुड़ के पकवानों के साथ ही दही चूड़ा और खिचड़ी खाने का भी विशेष महत्व है. मकर संक्रांति को दक्षिण भारत में पोंगल के रूप में मनाते हैं. वहां पर खास तरह का प्रसाद या खिचड़ी बनाई जाती है जिसे पोंगल कहा जाता है. यह रवा/सूजी बनता है, लेकिन चावल और कुछ सब्जियों को मिलाकर बनने वाली खिचड़ी का भी अपना एक महत्व है.

    क्या है शास्त्रीय मान्याता:
    शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का बहुत ही महत्व माना गया है. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति पर चावल, दाल, हल्दी, नमक, मटर और सब्जियां खासतौर पर फूलगोभी डालकर खिचड़ी बनाई जाती है. इसके अलावा मकर संक्रांति पर खिचड़ी के सहायक व्यंजन के रूप में दही, पापड़, घी और अचार का मिश्रण भी किया जाता है. इस दिन खिचड़ी की सामग्री का दान भी किया जाता है.

    जानिए खिचड़ी बनाने की विधि:

    सामग्री:
    एक कप चावल
    एक कप मूंग की दाल
    आधा कप मटर
    आधा कप गोभी
    एक छोटा आलू, कटा हुआ
    एक छोटा टमाटर, कटा हुआ
    बारीक कटी हुई 2 हरी मिर्च
    आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
    चुटकीभर हींग
    एक छोटा चम्मच जीरा
    स्वादानुसार नमक
    दो-तीन चम्मच घी
    एक छोटा चम्मच गरम मसाला

    ये है रेसिपी:

    - सबसे पहले चावल और मूंग दाल को साफ करके धो लें.
    - मीडियम आंच में एक प्रेशर कूकर में घी गरम करें.
    - घी के गरम होते ही जीरे का तड़का लगाएं. फिर हरी मिर्च, हल्दी और हींग डालकर एक मिनट तक पकाएं.
    - फिर इसमें मटर, आलू, गोभी और कटा हुआ टमाटर डालकर 4-मिनट तक भूनें.
    - इसके बाद इसमें दाल और चावल डालकर मिक्स करें.
    - फिर इसमें तीन कप पानी, गरम मसाला और नमक डालकर ढक्कन को बंद कर दें.
    - कूकर में 3-4 सीटी आने के बाद आंच बंद कर दें.
    - कूकर का प्रेशर खत्म हो जाए, तो ढक्कन खोल दें.
    - अब मूंग दाल की खिचड़ी तैयार है. इसे दही, अचार, चटनी या रायते के साथ खाएं और खिलाएं.

    नोट:
    -  इसमें पानी थोड़ा ज्यादा रखेंगे तो खिचड़ी पतली बनेगी.
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