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    अंडे खाने का सबसे सही तरीका क्या है?

    संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे, टैग लाइन तो आपने सुनी होगी. अंडे प्रोटीन के सबसे अच्छे स्रोत में एक होते हैं. हेल्दी होने के कारण इसका सेवन हर वर्ग के लोग करते हैं. जिम जाने वालों और वजन बढ़ाने वाले लोगों का आहार का हिस्सा होते हैं अंडे.

    अंडे खाने की पसंद अपनी-अपनी होती है. कुछ लोग, बॉइल्ड, कुछ हाफ फ्राई तो कुछ लोग कच्चा अंडा खाना पसंद करते हैं. पर क्या आप जानते हैं कैसा अंडा खाना हेल्दी होता है और अंडों को किस रूप में नहीं खाना चाहिए?

    बॉइल्ड यानी उबले और फ्राई अंडे खाना तो ठीक माना जाता है, लेकिन बारिश के मौमस में कच्चा अंडा खाना किसी खतरे से कम नहीं है. ऐसा करने से गंभीर बीमारी का शिकार भी होना पड़ सकता है. दरअसल, कच्च अंडे में कई तरह के बैक्टीरिया हो सकते हैं. इसलिए पकाकर खाने में ही बेहतर है. क्योंकि इनमें कुछ ऐसे पोषक तत्व होते हैं जिसे कच्चा खाने पर डाइजेशन में समस्या हो सकती है. कच्चे अंडे में मौजूद कुल प्रोटीन का सिर्फ 51% हिस्सा ही हमारा शरीर अवशोषित कर पाता है जबकि पकाकर खाने पर शरीर को 91% तक प्रोटीन मिलता है. इसका कारण यह है कि तापमान बढ़ने पर अंडों में मौजूद प्रोटीन का स्ट्रक्चर बदल जाता है, जिससे ये आसानी से पच जाते हैं.

    किस रूप में खाना बेहतर है?
    अंडों को उबालकर खाना ज्यादा अच्छा है. जबकि कुछ लोग इसे कच्चा पीना यानी खाना पसंद करते हैं. इसके पीछे तर्क है कि कच्चे अंडे ज्यादा पोषण देते हैं जबकि ऐसा नहीं है. अंडा उबलने या पकने के बाद भी उतना ही हेल्दी होता है जितना कच्चा रहना पर होता है.

    उबले अंडों में ऐसा क्या है खास?
    उबले अंडे खाने का चलन सबसे ज्यादा है और यह एक तरह से सही भी है. कई रिसर्च में भी यह पाया गया है कि उबले अंडे खाने से उसके 90 प्रतिशत प्रोटीन शरीर में पहुंचता है. इसके अलावा यह पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा होता है. उबले अंडे आसानी से पच भी जाते हैं.

    कितनी देर तक उबालना या पकाना चाहिए?
    अब यह तो तय हो गया है कि उबले अंडे या पका अंडा खाना अच्छा है. पर कितनी देर तक पकाना चाहिए यह भी जान लीजिए. उबले हुए अंडे सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन ज्यादा तापमान पर नहीं पकाना चाहिए. अंडे उबलने के लिए 7-9 मिनट तक वक्त एकदम सही है. इस दौरान आंच भी मीडियम ही रखनी है. एक रिसर्च में पाया गया है कि अंडों को ज्यादा तापमान में पकाने से इसमें मौजूद विटमिन ए 17% से 20% तक कम हो जाता है. वहीं ज्यादा आंच में पकाने से अंडों में मौजूद ऐंटिऑक्सिडेंट्स भी घट जाते हैं.

    बारिश के मौसम में कैसा अंडा खाना चाहिए?
    बारिश के मौसम में कच्चा अंडा खाने वालों को अक्सर कुछ न कुछ इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है. अंडे के छिलके में साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया होता है जो कच्चा खाने पर इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कच्चा अंडा खाने से उल्टी, दस्त और बुखार की समस्या हो सकती है. बरसात के मौसम में तो कच्चे अंडे खाना किसी बीमारी को दावत देने जैसा है.

     

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