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    क्या बीयर पीने से सचमुच पथरी निकल जाती है?

    गुर्दे की पथरी यानी किडनी स्टोन से बहुत से पीड़ित होते हैं. इसकी उठने वाली पीड़ा असहनीय होती है. इस दर्द से निजात पाने के लिए पीड़ित घरेलू नुस्खे और डॉक्टरी सलाह को अपनाते हैं. ऐसे में एक बात खूब प्रचारित-प्रसारित की जाती है कि बीयर पीने से पथरी अपने आप मूत्र मार्ग से निकल जाती है. जबकि कुछ लोगों का मानना है कि शारीरिक संबंध बनाने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है. पर क्या ऐसा सच में है?

    पथरी निकालने के लिए इस तरीके पर रिसर्च हुआ था. इस रिसर्च में दावा किया गया है कि शोध में हिस्सा लेने वाले और 5 मिलीमीटर से छोटे आकार की पथरी से पीड़ित 83 फीसदी प्रतिभागियों के गुर्दे से ये पथरियां नियमित शारीरिक संबंध बनाने के बाद अपने आप ही निकल गईं.

    क्लीनिक ऑफ अंकारा ट्रेनिंग एंड रिसर्च हॉस्पिटल की टीम ने शोध के लिए 75 प्रतिभागियों को तीन समूहों में विभाजित कर उनके सैंपल लिए थे.

    इस शोध पर मुंबई के नानावती अस्पताल में मूत्र रोग विशेषज्ञ संजय का मानना है कि शारीरिक संबंध बनाने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनता है जो उत्तेजना की अवस्था में मूत्रनलिका से बाहर निकलता है, यह बहुत ही सुखद अहसास देने वाला होता है. हालांकि इसे साबित करने के लिए अभी पर्याप्त चिकित्सकीय परीक्षण किए जाने की जरूरत है.

    जबकि गुड़गांव के पारस हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर अनुराग खेतान मानते हैं कि, इस शोध में इसकी संभावना व्यक्त की गई है कि शारीरिक संबंध बनाने के दौरान निकलने वाला नाइट्रिक ऑक्साइड मूत्रनलिका की मांसपेशियों को राहत पहुंचाने वाला होता है. जब तक इससे संबंधित अधिक से अधिक आंकड़े न मिल जाएं, हम मरीजों को उपचार के लिए इसकी राय नहीं दे सकते.

    यह तो हो गई शारीरिक संबंध बनाने से किडनी स्टोन निकलने पर भारतीय मूत्र विशेषज्ञ की राय. अब बात करते हैं क्या पथरी निकालने में बीयर पीना सही है?

    पथरी से पीड़ित लोग दर्द से कम करने के लिए ज्यादा मात्रा में बीयर पीने लगते हैं. उन्हें लगता है कि बीयर पथरी को निकालने में मददगार साबित होगी. पर बीयर में काफी मात्रा में ऑक्सलेट और प्यूराइन होते हैं, जिससे नई पथरी के बनने और मौजूदा पथरी के आकार बढ़ने का खतरा भी होता है.

    इस बारे में डॉक्टर संजय का कहना है कि कम ऑक्सलेट वाली बीयर अच्छा विकल्प है. इससे मरीज के शरीर में मूत्र ज्यादा बनता है.

    जबकि लुधियाना के सिबिया मेडिकल सेंटर के डॉक्टर एस.एस. सिबिया मानते हैं कि मरीज जितना पेशाब करेगा, उसे पथरी से छुटकारा पाने में उतनी ही मदद मिलेगी और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी-पीना चाहिए.

    वहीं नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह है कि लोगों को हर घंटे 200 मिलीलीटर पानी अवश्य पीना चाहिए, लेकिन पानी एक ही बार में पीने के बजाय थोड़ा-थोड़ा पीना चाहिए. निंबू पानी पीने से गुर्दे की पथरी नहीं होती है.

     

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