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    भैरवाष्टमी पर काल भैरव को चढ़ाएं ये प्रसाद, मिलेगा शुभ फल

    कल यानी 29 नवंबर को भैरवाष्टमी है. इस दिन काल भैरव का जन्म हुआ था. मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव को प्रसाद चढ़ाने से घर से हर तरह की नकारात्मक शक्ति दूर होती है.

    विधि

    कल यानी 29 नवंबर को भैरवाष्टमी है. इस दिन काल भैरव का जन्म हुआ था. मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव को प्रसाद चढ़ाने से घर से हर तरह की नकारात्मक शक्ति दूर होती है.
    भैरव अष्टमी के दिन भगवान काल भैरव को काली उड़द की दाल से बने पकवानों का प्रसाद चढ़ाया जाता है. काली उड़द की दाल से बनी हर चीज को सरसों के तेल में ही तला जाता है. उड़द दाल से बने दही बड़े, गुलगुले, इमरती, कचौड़ी, पकौड़े, आदि का भोग लगाने से भैरव प्रसन्न होते हैं. कई जगह इस खास दिन भगवान काल भैरव को शराब भी चढ़ाई जाती है. हर अशुभ फल दूर होकर शुभ फल मिलते हैं.

    ऐसे बनाइए उड़द दाल के गुलगुले:

    बनाने की सामग्री :
    एक कटोरी काली उड़द का आटा
    एक छोटा कटोरी चीनी
    एक चम्मच इलायची पाउडर
    एक छोटा चम्मच खसखस
    सरसों तेल तलने के लिए

    गुलगुले बनाने की विधि :
    - सबसे पहले काली उड़द के आटे में चीनी डालकर इसका गाढ़ा घोल तैयार कर लें.
    - इसके बाद इसे आधे घंटे के लिए अलग रख दें.
    - तय समय के बाद इसमें इलायची पाउडर और खसखस मिलाएं.
    - मीडियम आंच में एक पैन में सरसों का तेल गरम करने के लिए रखें.
    - तेल के गरम होते ही इसमें घोल डालते जाएं और चारों तरफ से सुनहरा होने तक गुलगुले तल लें.
    - भैरव जी को भोग लगाने के लिए तैयार हैं उड़द दाल के गुलगुले.

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