अबतक खिचड़ी को काफी सामान्य पकवान समझा जाता था, लेकिन अब इसे भारतीय पहचान मिलने वाली है. खिचड़ी को ब्रांड इंडियन फूड के रूप में प्रमोट किया जाना है. दिल्ली में 3 से 5 नवंबर तक वर्ल्ड फूड इंडिया-2017 प्रदर्शनी का आयोजन होना है. इसी के तहत 4 नंवबर को इंडिया गेट पर इस इवेंट में 800 किलो अनाज की खिचड़ी बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भी दावा किया जा रहा है.
विधि
अबतक खिचड़ी को काफी सामान्य पकवान समझा जाता था, लेकिन अब इसे भारतीय
पहचान मिलने वाली है. खिचड़ी को ब्रांड इंडियन फूड के रूप में प्रमोट किया
जाना है. दिल्ली में 3 से 5 नवंबर तक वर्ल्ड फूड इंडिया-2017 प्रदर्शनी का
आयोजन होना है. इसी के तहत 4 नंवबर को इंडिया गेट पर इस इवेंट में 800 किलो
अनाज की खिचड़ी बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भी दावा किया जा रहा है.
इस कार्यक्रम के ब्रांड एम्बेस्डर शेफ संजीव कपूर होंगे. यह कार्यक्रम शेफ संजीव की अगुवाई में किया जाएगा. साथ ही उनके 50 सहयोगी भी होंगे. 800 किलो अनाज की खिचड़ी बनाने के लिए 1000 लीटर क्षमता वाली एक विशाल कड़ाही का इस्तेमाल किया जाएगा जो 7 फीट चौड़ी होगी.
इस कार्यक्रम में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इन सभी मेहमानों को खिचड़ी बनाने की विधि के साथ
खिचड़ी परोसी भी जाएगी. साथ ही खिचड़ी अनाथ बच्चों में भी बांटी जाएगी.
हालांकि इसे ऑफिशियली नेशनल कुजीन का दर्जा नहीं दिया गया क्योंकि किसी भी देश के लिए एक डिश को ऑफिशियल फूड बना देना मुश्किल ही होगा. ऐसे में भारत जैसे देश में यह बहुत ही मुश्किल है क्योंकि, यहां हर राज्य के पकवान अपने आप में अहम हैं. इसलिए इसमें खिचड़ी को चुना गया क्योंकि इनमें खिचड़ी ही ऐसा पकवान है जो हर जगह, चाहे वह
मध्य प्रदेश हो या उत्तर प्रदेश हो,
पश्चिम बंगाल हो,
बिहार हो या हमारे दक्षिणी के राज्य हों, सभी जगह के पकवानों में खिचड़ी काफी खास है और तो और यह अमूमन सब जगह एक ही तरीके से बनाती है.
शुक्रवार को वर्ल्ड फूड इंडिया की शुरुआत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इसका प्रपोजल फूड प्रोसेसिंग मिनिस्ट्री ने केंद्र सरकार को भेजा था जिसके लिए मीनिस्ट्री ने खिचड़ी के पक्ष में 3 तर्क भी दिए थे.
खिचड़ी को अच्छा फूड मानकर ब्रांड इंडियन फूड का दर्जा दिया जाए. क्योंकि खिचड़ी ऐसी डिश है, जो हर तबके के लोगों का पसंदीदा है. चाहे वह अमीर हो या गरीब हर कोई इसे बड़े चाव से खाता है. और खिचड़ी बड़े ही कम समय में बनाई जा सकती है. इसमें सिर्फ दाल और चावल का ही नहीं बल्कि अलग-अलग तरह की सब्जियां और मसाले डालकर इसे स्वादिष्ट बनाया जाता है. डॉक्टरों की मानें तो किसी भी बीमार आदमी के लिए खिचड़ी सबसे पौष्टिक आहार है. इसलिए डॉक्टर्स बीमारी में हमेशा खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं.
(खिचड़ी का ऐसा इतिहास जो चौंका देगा आपको)
क्या कहते हैं इस बारे में शेफ संजीव कपूर
संजीव कपूर का कहना है कि हमारे देश में खिचड़ी एक आम व्यंजन है, लेकिन इसकी खासियत यह है इसको बनाना जितना आसान है उतना ही यह लोकप्रिय है. 4 नवंबर को एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने जा रहा है. इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के तहत 8 सौ किलो अनाज की खिचड़ी बनाई जाएगी. इसमें तमाम अनाज डाले जाएंगे जिसमें चावल, रागी और दूसरी खाद्य सामग्रियां होंगी. संजीव कपूर ने कहा कि खिचड़ी हिंदुस्तान का खाद्य पदार्थ है और इसके पेटेंट के लिए कोशिश की जानी चाहिए. कहीं ऐसा न हो हल्दी की तरह दूसरा देश इसका पेटेंट करा लें और उसके बाद हम इस पर अपना अधिकार जमाते घूमें.
संजीव कपूर ने कहा किस खिचड़ी को बनाने के लिए कई लोग लगेंगे और इसके लिए अलग तरीके का पकाने का बर्तन बनाया गया है, जिसमें इस टीम के जरिए खिचड़ी को पकाया जाएगा. पकाने के बाद इसे यहां पर आए लोग खाएंगे साथ ही साथ जरूरतमंद और गरीब लोगों में भी खिचड़ी बांटी जाएगी.