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    खिचड़ी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ये थी खासियत

    जिस खिचड़ी को मरीजों का खाना कहा जाता रहा है. अब वह खिचड़ी भारत की पहचान बन गई है. इसके गवाह हजारों लोग बने. शनिवार को वर्ल्ड फूड इंडिया-2017 कार्यक्रम के दूसरे दिन इंडिया गेट के हेक्सागोन लेन पर खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और शेफ संजीव कपूर की टीम ने 918 किलो की खिचड़ी बनाकर विश्व पटल पर भारत की खिचड़ी को पहचान दिला दी.

    विधि

    जिस खिचड़ी को मरीजों का खाना कहा जाता रहा है. अब वह खिचड़ी भारत की पहचान बन गई है. इसके गवाह हजारों लोग बने. शनिवार को वर्ल्ड फूड इंडिया-2017 कार्यक्रम के दूसरे दिन इंडिया गेट के हेक्सागोन लेन पर खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और शेफ संजीव कपूर की टीम ने 918 किलो की खिचड़ी बनाकर विश्व पटल पर भारत की खिचड़ी को पहचान दिला दी.
    खिचड़ी पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी पिछले तीन महीने से चल रही थी. वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्टिवल में जानेमाने शेफ और पद्मश्री संजीव कपूर के नेतृत्व में करीब 50 खानसामों ने 918 किलो खिचड़ी बनाई. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज कर लिया गया. खिचड़ी बनाने के लिए स्टील की तीन परत वाली 7 फीट चौड़ी और 343 किलो वजन वाली इंसुलेटेड कड़ाही विशेष रूप से बनाई गई थी. इस खिचड़ी के लिए चावल और दाल खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने, गरम मसाले टाटा ने और घी पतंजलि ने दिया. शेफ सारांश गोइला के मुताबिक इस खिचड़ी में 125 किलोचावल, 45 किलो मूंग दाल, 5 किलो बाजरा, 3 किलो ज्वार, 3 किलो राजगीरी, 11 किलो सब्जियां, दो किलो नमक 11 किलो घी और करीब 700 लीटर पानी का इस्तेमाल किया गया. वहीं. इसमें करीपत्ता, हींग अजवाइन का तड़का लगाया गया.

    (ब्रांड इंडियन फूड के रूप में अब प्रमोट होगी खिचड़ी )
    खिचाड़ी बनाने की तैयारी शेफ संजीव और उनकी टीम ने सुबह पांच बजे से शुरू कर दी थी. इंडिया गेट के हेक्सागोन लॉन में बाकायदा तीन बर्नर की मदद से करीब 3500 किलो भाप से खिचड़ी पकाई गई. खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, बाबा रामदेव, बीजेपी सांसद साध्वी निरंजन ज्योति और डेनमार्क के मंत्री लुंदे लॉर्सन ने खिचड़ी में तड़का लगाकर अपना योगदान दिया.
    खिचड़ी के बारे में शेफ संजीव कपूर का कहना है कि मैं इतना जानता हूं जो चीजें हम रोज खाते हैं. उसके बारे में दुनिया को न पता चले, उसके बारे में चर्चा न हो ऐसा संभव नहीं है और मेरे रहते हुए यह नहीं हो सकता. इसलिए हमने खिचड़ी बनाने का फैसला किया. वर्ल्ड फूड इंडिया के जरिए यह संभव हुआ है. यह ऐसी-वैसी खिचड़ी नहीं है. बल्कि इसमें ऐसी चीज है जो रोज नहीं पड़ती, रागी बाजरा ज्वार यह सब है इसमें जो इसे हेल्दी बनाते हैं. वहीं बाबा रामदेव ने खिचड़ी को संपूर्ण आहार बताते हुए कहा कि इसमें विटामिन ए, बी, आयरन, खनिज समेत कई पौष्टिक तत्व हैं. यह एक दिन 'सुपर फूड' की जगह लेगी. उन्होंने योग की तरह विश्व खिचड़ी दिवस मनाने की भी मांग की. वहीं मंत्री हरसिमरत सिंह कौर बादल ने उम्मीद जताई कि भारतीय खिचड़ी एक दिन पूरी दुनिया में अपनी खुशबू फैलाएगी और धूम मचाएगी.
    (खिचड़ी का ऐसा इतिहास जो चौंका देगा आपको)
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