ये है खट्टी-मीठी इमली की कहानी

ये है खट्टी-मीठी इमली की कहानी

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🍳 दिशा-निर्देश

इमली का खट्टा-मीठा स्वाद याद करते ही मुंह में पानी आ जाता है. क्या आप जानते हैं कि इसका मूल देश उत्तरी अफ्रीका है, पर भारत में आते-आते इसे 'इंडियन डेट' के नाम से जाना जाने लगा जिसे अब हम इमली के नाम से जानते हैं. इमली का पेड़ सभी जगह आसानी से मिल जाता है.
(प्याज-इमली की चटनी)

इमली एक खट्टा- मीठा फल है जिसके चटकारे लेना सभी को बहुत पसंद होती है और यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. यह टार्टरिक एसिड, शुगर, विटामिन B और कैल्शियम से भरपूर है.
(टमाटर के बिना इन चीजों से बना सकते हैं स्वादिष्ट दाल-सब्जी
)

दक्षिण भारत में इसे रोजाना खाने में इस्तेमाल किया जाता है. सांभर को खट्टा और टेस्टी बनाने में इमली की अहम भूमिका होती है. इमली से जैम, चटनी, अचार, मसाले, दवाइयां और मिठाइयां भी बनाई जाती हैं. पानी पुरी का पानी तैयार करने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.
(जानें किन चीजों में मिलता है कौन-सा विटामिन)

 ये तो रहे इमली खाने के कई सारे तरीके, एक्सपर्ट के मुताबिक अब जानिए इसके फायदे:

- इमली स्किन को संक्रमण मुक्त रखती है.
- इमली वजन कम करने में भी मददगार है. (ऐसे तैयार करें इमली की बेहतरीन चटनी)
- इमली का पानी पीलिया से शिकार लोगों के लिए काफी फायदेमंद है.
- इमली पाचन क्रिया को सही रखती है. (इमली का अमलाना)
- इमली कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में कारगर है. (घर में तैयार करें इमली का पेस्ट)
- इमली का गूदा हल्दी और चमेली के पत्तों के साथ पेस्ट बनाकर खाने से खांसी और जुकाम में मदद मिलती है.
- इमली के बीज को गुड़ और घी के साथ अच्छे से भूनकर खाने से नपुंसकता भी दूर होती है. (इमली वाले चावल)

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ये है खट्टी-मीठी इमली की कहानी एक लोकप्रिय फूड न्‍यूज़ रेसिपी है, जिसे ये है खट्टी-मीठी इमली की कहानी और स्वादिष्ट मसालों की मदद से तैयार किया जाता है। यह भारतीय खाने का एक पसंदीदा व्यंजन माना जाता है।

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